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छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था को लेकर एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के सामने धरना-प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की.
छात्राओं का आरोप है कि सिंगल ऑक्यूपेंसी वाले कमरों में बिना पूर्व सूचना दो-दो छात्राओं को शिफ्ट किया जा रहा है. उनका यह भी कहना है कि जिन छात्राओं के कमरे खाली कराए जा रहे हैं या जिनके कमरों में दूसरी छात्राओं को शिफ्ट किया जा रहा है, उन्हें कोई लिखित सूचना नहीं दी गई.
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज का एक पुरुष कर्मचारी, जिसे वे ड्राइवर बता रहे हैं, अक्सर गर्ल्स हॉस्टल में आता-जाता है, छात्राओं को डराता-धमकाता है और दुर्व्यवहार करता है. वहीं, एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर कॉलेज प्रशासन की ओर से समय पर मदद नहीं मिलने का भी आरोप लगाया गया. छात्रों का कहना है कि छात्रा को साथी छात्र-छात्राओं ने अस्पताल पहुंचाया. साथ ही उनका आरोप है कि विरोध करने पर प्रिंसिपल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया.
वहीं, कॉलेज के प्राचार्य ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उनका कहना है कि जिस व्यक्ति को छात्र-छात्राएं ड्राइवर बता रहे हैं, वह कॉलेज का इलेक्ट्रिशियन है और वह उनकी मौजूदगी के बिना गर्ल्स हॉस्टल में प्रवेश नहीं करता. प्राचार्य के अनुसार, 76 नई छात्राओं के दाखिले के कारण हॉस्टल में कमरों का पुनर्विन्यास किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है.
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